• कविवर श्री महेन्द्र अजनबी, दिल्ली

    कविवर श्री महेन्द्र अजनबी, दिल्ली

    दिनेश को मैं तब से जानता हूँ जब वह छात्र था इतना प्यारा कवि, इतना प्यारा आदमी, इतना प्यारा मित्र आज के दौर में मिलना मुश्किल है मैनें आज तक का इसका पूरा संघर्षमय जीवन देखा है। मैं अपने इस छोटे भाई को जो मुझे बहुत-बहुत प्यार करता है बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ और ईश्वर से कामना करता हूँ कि यह दिन दूनी रात चौगुनी उन्नति करे।

    Posted by admin @ 3:49 am

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