दिनेश रघुवंशी एक ऐसा नाम है, जो मेरे हृदय के बेहद नजदीक हैं। सिर्फ़ नाम से ही नहीं, दरअसल उसने मुझे प्रभावित किया है अपने काम से। वर्तमान में जो युवा कवि गीत-गजल कह रहे हैं, उनमें मैं दिनेश रघुवंशी को सर्वोच्च स्थान देता हूँ। विषय का चयन, कथन की मौलिकता, शैली का नयापन उनको प्रभु की ओर से स्वमेव प्राप्त है। मंच पर उनका कवि और व्यक्तित्व सबसे अलग दिखाई देता है। आने वाला कल उनकी मुट्ठी में है, मैं ऐसा मानता हूँ। लिखने की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उनके गीतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। नए-नए तुकान्त तथा नये छंद की घडंत में दिनेश रघुवंशी खूब माहिर हैं। पढ़ने और सुनने दोनो में अच्छा लगना बहुत कम लोगों में देखा जाता है। उन्होंने जैसा भोगा वैसा लिखा है। दिनेश रघुवंशी की कलम ने ममत्व और रिश्तों को नई परिभाषाएं दी हैं। मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ हैं कि अनन्त काल तक दिनेश रघुवंशी के ही समान उनके गीतों की शुआएँ हर दिशा में अपनी रौशनी बिखेरती रहें।
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Posted by admin @ 8:04 am


