हिन्दी कविता के मंच और साहित्य दोनों स्तरों पर बहुचर्चित दिनेश रघुवंशी एक ऐसे कवि हैं जिन्होंने अपनी कविता के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। वो चाहे गीत लिखें या गजल, मुक्तक लिखें या छंद, सभी में अपने जीवन के अनुभव और सामाजिक दर्द की अभिवयक्ति के माध्यम से, अपने पाठको और श्रोताओं तक पहुँच कर, उनके हृदय में सीधे उतरते है। वो चाहें अपने देश में हों या विदेश में, अपनी कविताओं की सहजता और सरलता के कारण - दिनेश रघुवंशी सभी को अदृश्य बन्धन में बाँध लेते हैं व्यक्ति के दर्द और उसके मनोविज्ञान से वो इतना परिचित है कि उनकी कविताएँ उनकी बाद में, पहले वे हमें अपनी सी लगती है। यह किसी भी रचनाकार के लिए एक सौभाग्य का विषय माना जाता है। उनकी कविताओं में उनके विशाल हृदय, निर्भिकता, संवेदनशीलता और उनके मर्यादित व्यक्तित्व के दर्शन तो होते ही है, साथ ही काव्य के सभी मानको पर भी उनकी प्रत्येक रचना खरी उतरती है। भाषा,शिल्प और विविध भाव भंगिमाओं को सुंदर शब्दों में प्रस्तुत करने में निपुण, मेरे अत्यन्त प्रिय कवि और श्रेष्ठ रचनाकार दिनेश रघुवंशी का गीत संग्रह ‘अनकाहा इससे अधिक है’ पठकों को अत्यधिक आत्म संतोष देगा और जीवन में उपयोगी भी सिद्ध होगा, ऐसा मेरा अटूट विश्वास है। शुभकामनाओं के साथ
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Posted by admin @ 8:10 am


