अनुक्रम
1. किसी से बात कोई आजकल नहीं होती
2. इक मुसलसल सफ़र में रह्ता हूँ
3. लगने लगी हैं दिल को यूँ अच्छी उदासियाँ
4. मेरा कितना ख़याल रक्खा है
5. आनी-जानी दुनिया है
6. गर उसूलों से गिर गया होता
7. प्यासी धरती पर बरसूँ
8. सहमा-सहमा सा मन है
9. आज तक ये जान पाया कौन है
10. सबने उसकी बात सुनी
11. सोच समझकर वार करेगा
12. या हम अपने साथ रहे
13. ठेस लगी और चटख़ा है
14. वक्त जो उसके साथ जिया
15. मन के माफ़िक काम मिला
16. लिखने वाले तुझे पता क्या है
17. दोस्तों की मेहरबानी हो गयी
18. अब कहाँ जिंन्दगी की बातें है
19. जिनकी अपनी ज़बाँ नही होती
20. एक दिन ये हादसा होना ही था
21. टीस दब के जिगर मे रह जाए
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December 15th, 2008 at 6:22 am
bahut achaa sir,,kuchh lines dil ko chhu jati hain
December 15th, 2008 at 6:26 am
aapki kuchh lines bahut kuchh yaad dila deti hain..bahut achha sir ,,dr p s rajput misson jagriti
June 14th, 2011 at 4:52 am
Fell out of bed feeilng down. This has brightened my day!